रंजीत संपादक
रुद्रपुर। जनपद में पत्रकारों के साथ निरंतर हो रहे उत्पीड़न, पुलिसिया बर्बरता और प्रतिशोध की भावना से दर्ज किए जा रहे फर्जी मुकदमों के विरोध में कुमाऊं युवा प्रेस क्लब ने आवाज उठाई है। क्लब के अध्यक्ष सौरभ गंगवार के नेतृत्व में पत्रकारों के एक विशाल प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम पंकज उपाध्याय के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन के माध्यम से जिले के मीडियाकर्मियों में व्याप्त असुरक्षा और भारी रोष को व्यक्त करते हुए स्पष्ट कहा गया कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रेस क्लब ने मुख्य रूप से बाजपुर, काशीपुर और रुद्रपुर के तीन गंभीर प्रकरणों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री से तत्काल उच्च स्तरीय हस्तक्षेप और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।
प्रतिनिधिमंडल ने बाजपुर के पत्रकार विमल भारती के मामले में पुलिस के अमानवीय व्यवहार का मुद्दा बेहद प्रखरता से उठाया। आरोप लगाया गया कि विभाग के भीतर फैले भ्रष्टाचार की खबरों को उजागर करने पर पुलिस ने प्रतिशोध की भावना से काम किया और 13 नवंबर 2025 को बिना किसी पूर्व सूचना के विमल भारती के घर में घुसकर तोड़फोड़ की। उन्हें हिरासत में लेकर बन्नाखेड़ा चौकी में अमानवीय यातनाएं दी गईं और जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया। ज्ञापन में इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया गया कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद अब तक जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कोई आंच नहीं आई है। इसी क्रम में काशीपुर के पत्रकार हिमांशु ठाकुर पर दर्ज मुकदमे को पूरी तरह आधारहीन और फर्जी करार देते हुए क्लब ने कहा कि पुलिस ने साक्ष्यों और ऑडियो की गहन जांच किए बिना ही मुकदमा दर्ज कर लिया, जो सीधे तौर पर स्वतंत्र पत्रकारिता की कलम को दबाने का प्रयास है। साथ ही, रुद्रपुर के वरिष्ठ पत्रकार रूपेश सिंह के विरुद्ध असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर की जा रही अभद्र और अपमानजनक टिप्पणियों पर भी कड़ा एतराज जताया गया।
कुमाऊं युवा प्रेस क्लब ने अपनी मांगों को मजबूती से रखते हुए कहा कि इन तीनों प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पत्रकारों पर थोपे गए फर्जी मुकदमों को अविलंब निरस्त किया जाए। क्लब ने मांग की कि विमल भारती के साथ बर्बरता करने वाले पुलिस अधिकारियों को चिन्हित कर सेवा से बर्खास्त या दंडित किया जाए। ज्ञापन में चेतावनी भरे लहजे में कहा गया कि श्मित्र पुलिसश् के नारे को धरातल पर उतारने के लिए पुलिस विभाग को निर्देशित किया जाए कि वह पत्रकारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करे और द्वेषपूर्ण कार्रवाई के बजाय तथ्यों की जांच को प्राथमिकता दे। अध्यक्ष सौरभ गंगवार ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि पत्रकारों का उत्पीड़न तत्काल बंद नहीं हुआ और इन प्रकरणों में न्याय की प्राप्ति नहीं हुई, तो जनपद का समस्त पत्रकार समुदाय एकजुट होकर सड़कों पर उतरने और उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होगा। इस अवसर पर प्रेस क्लब के समस्त पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सक्रिय पत्रकार मौजूद रहे।।
सौरभ गंगवार केंद्रीय अध्यक्ष,हरविंदर सिंह चावला केंद्रीय महामंत्री,ललित राठौर केंद्रीय उपाध्यक्ष,वरिष्ठ पत्रकार रूपेश सिंह,बरजीत सिंह महानगर संरक्षक,भानु चुग महानगर अध्यक्ष,अभिषेक शर्मा महानगर महानगर वरिष्ठ उपाध्यक्ष,गुरविंदर सिंह गिल महानगर उपाध्यक्ष,विजय गुप्ता महानगर उप सचिव,आकाश गंगवार महानगर सोशल मीडिया प्रभारी,महेंद्र पाल मौर्य,राकेश अरोड़ा,दीपक शर्मा,राजकुमार शर्मा,शुभोधुति मंडल,गोपाल भारती,शुरभूतों गोस्वामी,संजीव गायन,नरेंद्र राठौड़,अमन सिंह,सूरज सिंह,कश्मीर राणा,आशीष छाबड़ा आदि पत्रकार उपस्थित थे।।






















