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उत्कृष्ट कार्यों का मिला सम्मान! एसपी कमलेश उपाध्याय को प्रदान की गई DGP गोल्ड डिस्क

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रंजीत संपादक

चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए एसपी उत्तरकाशी श्रीमती कमलेश उपाध्याय को मिला डीजीपी गोल्ड डिस्क सम्मान।

राष्ट्रीय एकता दिवस पर आयोजित रैतिक परेड समारोह में पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक/पीएसी श्री सुनील कुमार मीणा ने मेडल से अलंकृत कर किया सम्मानित।

चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन तथा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी श्रीमती कमलेश उपाध्याय को प्रतिष्ठित पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क (गोल्ड) से सम्मानित किया गया है। दिनांक 31 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन ज्ञानसू, उत्तरकाशी में आयोजित रैतिक परेड समारोह के दौरान पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक/पीएसी उत्तराखण्ड श्री सुनील कुमार मीणा द्वारा उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।

पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमलेश उपाध्याय के कुशल नेतृत्व एवं प्रभावी रणनीति के परिणामस्वरूप चारधाम यात्रा एवं कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान यातायात, भीड़ प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्थाएं उत्कृष्ट एवं सुव्यवस्थित रहीं। इस वर्ष श्री यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम में करीब 18.70 लाख श्रद्धालुओं ने सुगम एवं सुरक्षित दर्शन किए जा चुके हैं। वहीं कांवड़ यात्रा के दौरान करीब 60 हजार कांवड़िये गंगोत्री धाम पहुंचे, जो गत वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक रहे। श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों की रिकॉर्ड आवाजाही के बावजूद यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में ‘अभया’ अभियान की प्रभावी पहल
महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण के उद्देश्य से एसपी श्रीमती कमलेश उपाध्याय के नेतृत्व में जनपद में ‘जागृत नारी, सशक्त नारी’ की थीम पर ‘अभया’ अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक 179 जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से करीब 19 हजार छात्राओं को जागरूक तथा 11 विद्यालयों की 1,730 छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है। वहीं, 38 महिला पुलिस कर्मियों द्वारा 40 बालिका विद्यालयों एवं महाविद्यालयों को गोद लेकर नियमित संवाद स्थापित किया जा रहा है। 30 विद्यालयों में ‘स्पीक अप बॉक्स’ स्थापित करने के साथ करीब 5,000 छात्राओं को हेल्पलाइन कार्ड वितरित किए गए हैं। अभियान के माध्यम से बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने एवं उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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