रंजीत संपादक
रूद्रपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में विकास और जनसमस्याओं के मुद्दे छाये रहे। क्षेत्रीय सांसद एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में महापौर ने रुद्रपुर की ‘लाइफलाइन’ से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाया। सांसद भट्ट ने महापौर के सुझावों पर मुहर लगाते हुए अधिकारियों को दिशा निर्देश दिये।
बैठक के दौरान महापौर ने शहर को भारी वाहनों के दबाव और आए दिन होने वाले सड़क हादसों से निजात दिलाने के लिए महत्वपूर्ण विषय रखते हुए नवनिर्मित रिंग रोड को राधा स्वामी सत्संग घर से आगे बढ़ाते हुए सीधे सिडकुल से जोड़ने की वकालत की। महापौर का तर्क था कि वर्तमान में अधूरा रिंग रोड अपने वास्तविक उद्देश्यों को पूरा करने में विफल साबित हो रहा है। यदि इसे सिडकुल की औद्योगिक इकाइयों से जोड़ दिया जाता है, तो शहर के भीतर ट्रकों और भारी वाहनों का प्रवेश कम होगा, जिससे जाम की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा और भारी वाहनों से होने वाले सड़क हादसों पर भी विराम लगेगा। इस प्रस्ताव पर सांसद अजय भट्ट और जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने भी सहमति जताई और केंद्र सरकार को इसका विस्तृत प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया।
महापौर ने समाज कल्याण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत बीएचईएल के समीप बनी दुकानों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से ये दुकानें बनकर तैयार हैं, लेकिन पात्रों को आवंटन न होने के कारण सरकारी संपत्ति का लाभ जरूरतमंदों को नहीं मिल पा रहा है। सांसद ने इस मामले में विभागीय अधिकारियों को अविलंब कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही, बरसात के मौसम में शहर में होने वाले जलभराव और जर्जर ड्रेनेज सिस्टम पर भी गंभीर चर्चा हुई। महापौर ने अवगत कराया कि बड़े स्तर पर ड्रेनेज सिस्टम का प्रस्ताव तैयार है, जिसे केंद्रीय स्तर पर मंजूरी की दरकार है। उन्होंने सांसद से इस योजना की पैरवी करने का आग्रह किया ताकि शहरवासियों को हर साल होने वाले आर्थिक नुकसान और जलभराव की समस्या से स्थाई मुक्ति मिल सके। इसके अलावा महापौर ने पेयजल समस्या का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा पेयजल के लिए चलाई गयी महत्वाकांक्षी योजना का लाभ अभी तक सभी को नहीं मिल पा रहा है,
सांसद अजय भट्ट ने महापौर द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं को जनहित में आवश्यक बताते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में जिले के आला अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।






















