रंजीत संपादक :- रुद्रपुर/देहरादून। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की साइबर क्राइम टीम, रुद्रपुर ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करीब ₹92 लाख की साइबर धोखाधड़ी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ ने इस मामले में वांछित आरोपी रवि पाटवा (26 वर्ष) को हरियाणा की भोंडसी जेल से वारंट-बी पर लाकर माननीय न्यायालय, रुद्रपुर में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया गया है।एसएसपी एसटीएफ उत्तराखंड के निर्देशन एवं एएसपी साइबर क्राइम के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं परिक्षेत्र की टीम द्वारा एफआईआर संख्या 11/2025 की विवेचना की जा रही है। जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों की जांच और लाभार्थी खाताधारकों के बयानों के आधार पर आरोपी रवि पाटवा की संलिप्तता सामने आई।WhatsApp पर दिया था शेयर ट्रेडिंग का झांसा पुलिस के अनुसार, वादी पंकज कुमार सती को अज्ञात साइबर ठगों ने WhatsApp के माध्यम से संपर्क कर स्वयं को प्रतिष्ठित ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताया। आरोपियों ने शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर 18 मार्च 2025 से 30 अप्रैल 2025 के बीच ₹92,04,775 की ऑनलाइन ठगी कर ली।जांच में यह भी पता चला कि आरोपी रवि पाटवा हरियाणा के गुरुग्राम स्थित भोंडसी जिला कारागार में एक अन्य साइबर धोखाधड़ी के मामले में पहले से बंद था। इसके बाद एसटीएफ ने न्यायालय से वारंट-बी प्राप्त कर आरोपी को अभिरक्षा में लेकर रुद्रपुर न्यायालय में प्रस्तुत किया।अन्य सहयोगियों की भी हो रही जांचएसटीएफ के अनुसार आरोपी से पूछताछ जारी है। उसके डिजिटल और वित्तीय नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। मामले में शामिल अन्य सहयोगियों की भूमिका भी खंगाली जा रही एसएसपी एसटीएफ उत्तराखंड ने लोगों से अपील की है कि शेयर ट्रेडिंग, निवेश या अत्यधिक लाभ का लालच देने वाले WhatsApp, Telegram ग्रुप या सोशल मीडिया विज्ञापनों पर भरोसा न करें। किसी भी निवेश से पहले संबंधित कंपनी और प्लेटफॉर्म का सत्यापन अवश्य करें। यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी होती है तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें।






















